बेअदब
खुद से जब आँख मिलाता हूँ तो ग़ज़ल होती है दिल के हालात बताता हूँ तो ग़ज़ल होती है
शुक्रवार, 20 जनवरी 2012
चाँद
यूँ
ही
चाँद
नहीं
हो
जाता
देखने
वालों
की
नजर
का
असर
पड़ता
है
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